Zomato-Swiggy पर खाना पहुंचाने वाले, Ola-Uber चलाने वाले या Upwork-Fiverr से क्लाइंट पकड़ने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खबर आई है। PFRDA (पेंशन फंड नियामक) के चेयरमैन एस. रामन ने 19 अक्टूबर 2026 को टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में कहा — रेगुलेटर अब e-Shram डेटाबेस में दर्ज गिग और प्लेटफॉर्म वर्करों के लिए NPS खाते खोलने की तैयारी कर रहा है।
सरल भाषा में समझें: नौकरीपेशा लोगों को PF और पेंशन जैसी सुरक्षा मिलती है, अब वैसी ही व्यवस्था डिलीवरी पार्टनर, ड्राइवर और फ्रीलांसर जैसे प्लेटफॉर्म वर्करों तक पहुंचाने की योजना बन रही है। एक बात पहले ही साफ कर दें — यह अभी ऐलान है, लॉन्च नहीं। खाते कब से खुलेंगे, इसकी तारीख घोषित नहीं हुई है।
इंटरव्यू में क्या-क्या सामने आया
चेयरमैन रामन के मुताबिक PFRDA इस समय e-Shram डेटाबेस से टाई-अप कर रहा है। वर्कर की सहमति (consent) लेने के बाद उनके NPS अकाउंट खोले जाएंगे। तीन बातें खास हैं:
पहली — अकाउंट NPS Tatkal ऑप्शन से खुलेंगे। यह हाल में लॉन्च हुआ डिजिटल तरीका है, जिसमें UPI-लिंक्ड प्लेटफॉर्म से कुछ ही मिनटों में खाता खुल जाता है और कोई कागज़ी कार्रवाई नहीं चाहिए।
दूसरी — डिफॉल्ट निवेश NPS Sanchaya पैटर्न पर होगा। यह कंजर्वेटिव से मॉडरेट जोखिम वाला पैटर्न है, सरकारी NPS स्कीमों जैसा। बाद में वर्कर चाहे तो अपना निवेश एलोकेशन बदल सकता है।
तीसरी — पूरा सिस्टम PRAN (परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर) से जुड़ा होगा। एक बार खाता खुल गया तो वर्कर Zomato छोड़े, Swiggy पकड़े या फ्रीलांसिंग करे — खाता उसके साथ रहेगा।
सबसे अहम बात: सिर्फ ₹99 से शुरुआत
इस योजना की नींव e-shramik मॉडल पर रखी जाएगी, जो अक्टूबर 2025 में लॉन्च हुआ था। इसकी खासियत यह है कि वर्कर और एग्रीगेटर दोनों छोटे-छोटे लचीले योगदान कर सकते हैं — कम से कम ₹99 से। हर महीने तय रकम जमा करने की कोई बाध्यता नहीं।
गिग वर्करों की कमाई अनियमित होती है — इस महीने ₹40,000, अगले महीने ₹25,000। तय मासिक किश्त वाला सिस्टम उनके लिए मुश्किल होता। ₹99 से शुरू होने वाला लचीला मॉडल इसी दिक्कत को ध्यान में रखकर बनाया गया है। चेयरमैन ने यह भी माना कि प्लेटफॉर्म कंपनियां अपने हिस्से के योगदान को लेकर “बहुत आगे नहीं आईं” — इसलिए वर्कर-फ्रेंडली लचीला रास्ता ही व्यावहारिक है।
किसे मिलेगा फायदा
दायरे में वे सभी आएंगे जो e-Shram में गिग या प्लेटफॉर्म वर्कर के तौर पर दर्ज हैं — फूड डिलीवरी पार्टनर, कैब और बाइक-टैक्सी ड्राइवर, होम सर्विस प्रोफेशनल (जैसे Urban Company के पार्टनर), और ऑनलाइन फ्रीलांसर। पृष्ठभूमि यह है कि सोशल सिक्योरिटी कोड के तहत सरकार को गिग और प्लेटफॉर्म वर्करों को सामाजिक सुरक्षा देनी ही है — पेंशन उसी जिम्मेदारी का हिस्सा है।
रिटर्न को लेकर ईमानदार बात
NPS मार्केट से जुड़ी स्कीम है — इसका रिटर्न गारंटीड नहीं होता। Sanchaya पैटर्न मॉडरेट जोखिम वाला है, जिसका लक्ष्य लंबी अवधि में स्थिर रिटर्न है। यह स्कीम “कमाई बढ़ाने” का जरिया नहीं, “कमाई बचाने” का जरिया है — बुढ़ापे के लिए। कोई भी आपको इस पर तय मासिक पेंशन का वादा करे तो उस पर भरोसा न करें — आधिकारिक घोषणा में ऐसी कोई गारंटी नहीं दी गई है।
अभी आपको क्या करना चाहिए
योजना अभी तैयारी के चरण में है, लेकिन तीन काम आज ही कर लें:
- e-Shram रजिस्ट्रेशन पक्का करें — eshram.gov.in पर 18 से 59 साल के असंगठित और गिग वर्कर रजिस्टर कर सकते हैं। बिना रजिस्ट्रेशन इस योजना का फायदा नहीं मिलेगा।
- UPI-एक्टिव बैंक खाता और आधार-लिंक्ड मोबाइल तैयार रखें — NPS Tatkal इन्हीं दो चीज़ों पर चलेगा।
- PFRDA की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें — consent यानी सहमति देने की प्रक्रिया वहीं से शुरू होगी। किसी एजेंट या बिचौलिए को पैसे न दें; सरकारी योजना में खाता खोलने के लिए कोई शुल्क नहीं मांगा जाता।
आगे क्या देखना है
अगले दो बड़े अपडेट पर नज़र रहेगी — पहला, खाते खोलने की प्रक्रिया असल में कब शुरू होती है; दूसरा, क्या प्लेटफॉर्म कंपनियों पर वर्करों के लिए योगदान अनिवार्य किया जाता है। सोशल सिक्योरिटी कोड की धारा 114 के तहत एग्रीगेटरों से 1–2% योगदान का प्रावधान है, लेकिन उसकी दर और शुरुआत की तारीख का नोटिफिकेशन अभी जारी नहीं हुआ है। जैसे ही कोई पक्की तारीख या नोटिफिकेशन आएगा, हम आपको अपडेट देंगे।
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स्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया (19 अक्टूबर 2026), इकोनॉमिक टाइम्स HRWorld (19 अक्टूबर 2026), IANS via पंजाब केसरी (10 सितंबर 2026, पृष्ठभूमि)
