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गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026
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Freelancer Payment Fas Gayi? RBI EDF नियम पर Mohandas Pai का गुस्सा, Banks पर आरोप

RBI EDF नियम के बाद विदेशी payment का इंतज़ार करते freelancer
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Freelancers की विदेशी Payment में अड़चन: RBI EDF नियम के बाद Banks रोक रहे पैसे — Mohandas Pai बोले, “अब ठीक से काम करो”

Freelancer foreign payment का मसला आज फिर सुर्खियों में है। 23 अक्टूबर को Mohandas Pai ने X पर सीधे बैंकों को निशाने पर लिया — उनका कहना है कि RBI के नए FEMA नियमों की आड़ में बैंक inward remittance पर freelancers को परेशान कर रहे हैं। उनके शब्दों में, “RBI should penalize them for harassing us.”

यह नाराज़गी अचानक नहीं आई। उसी दिन consultant Ramesh Srivats ने भी X पर लिखा कि October का invoice उठाया, अमेरिकन कंपनी से पैसा आया, और तभी HDFC Bank का mail आ गया — documents माँगे गए। उन्होंने नियमों को “new hell. Or actually 5 hells” कहा। बाद में HDFC ने उन्हें call करके बताया कि individual के तौर पर उन्हें EDF file करने की ज़रूरत नहीं है, mail एक oversight था, और payment credit कर दी गई। लेकिन यह case बताता है कि ground पर confusion कितना बड़ा है।

नया EDF नियम क्या है (संक्षेप में)

1 अक्टूबर 2026 से RBI के Foreign Exchange Management (Export and Import of Goods and Services) Regulations, 2026 लागू हैं। इस एक rulebook ने 2015 के नियमों, Master Directions और 167 circulars को replace किया है।

सबसे बड़ा बदलाव: अब goods, software और services — तीनों के export के लिए एक unified Export Declaration Form (EDF) file करना होता है। 1 अक्टूबर से पहले non-software services के लिए कोई declaration form नहीं था (software वाले SOFTEX भरते थे)। EDF उन सभी bills पर mandatory है जो 1 अक्टूबर 2026 के बाद जारी हुए हों।

Form authorised dealer (AD) bank के ज़रिए submit होता है। Bank declaration मिलने के पाँच working days के अंदर details RBI के EDPMS सिस्टम में enter करता है। BusinessToday की रिपोर्ट के मुताबिक EDF में exporter-buyer details, invoice value, HSN/SAC codes, contract reference और expected payment method देना होता है। Time limit यह है: invoice जिस महीने में raise हुआ, उसके खत्म होने के 30 दिनों के अंदर EDF file करें। यानी October 2026 के invoices की deadline 30 November 2026 है। Export का पैसा आम तौर पर invoice date से 9 महीनों के अंदर realize होना चाहिए (रुपये में settle होने वाले exports के लिए 12 महीने)।

Mohandas Pai ने क्या कहा, और क्यों

Mohandas Pai का गुस्सा नियम पर नहीं, बैंकों के implementation पर है। उनकी post (23 October 2026) सीधे कहती है कि banks inward remittance के लिए “FEMA terrorists” की तरह behave कर रहे हैं और ज़िंदगी “hell” बना रहे हैं। उन्होंने RBI, Finance Ministry और प्रधानमंत्री कार्यालय तक को tag किया।

यह आलोचना हवा में नहीं है। BusinessToday ने भी लिखा है कि documents की requirement bank-to-bank अलग-अलग है — कुछ RBI के नियमों के मुताबिक हैं, तो कुछ बैंक की अपनी internal compliance का हिस्सा। यही uneven implementation freelancers के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गई है, क्योंकि उनके पास banking formalities संभालने वाली dedicated team नहीं होती।

Ramesh Srivats का case: individuals को EDF नहीं

इस controversy का सबसे अहम पहलू Ramesh Srivats के case से निकलता है। उनकी पहली post के बाद HDFC Bank ने उन्हें call किया और साफ किया — individual के तौर पर उन्हें EDF file करने की ज़रूरत ही नहीं है, पहले वाला mail एक oversight था, और उनका payment credit हो गया।

यह बात RBI की 7 अक्टूबर की clarification से भी जुड़ती है, जिसमें कहा गया था कि यह framework individuals पर लागू नहीं होता। ₹10 लाख तक के invoices के लिए simplified/self-declaration का प्रावधान भी है — October 2025 के circular के मुताबिक ₹10 लाख तक की EDPMS entries exporter अपनी self-declaration पर close कर सकता है।

मतलब: अगर आप individual freelancer हैं, तो panic में हर form भरने से पहले अपने bank से लिखित में confirm करें कि आप पर EDF लागू होता है या नहीं। गलत application से payment रुक सकती है, जैसा Srivats के साथ हुआ।

Freelancers अब क्या करें — practical कदम

1. Invoices और records साफ रखें। Client का नाम, amount, currency, contract — हर invoice का record। Month-end पर एक routine बनाएं; एक महीने के सारे exports एक ही EDF में cover हो सकते हैं।
2. ₹10 लाख वाला relief याद रखें। छोटे exporters के लिए simplified declaration का option है, लेकिन यह आपके case में कैसे लागू होगा — अपने bank से पूछें।
3. Bank से पहले बात करें। कौन-सी branch EDF handle करती है, कौन-से documents चाहिए, digital signature चलेगा या नहीं — पहले पूछें, payment आने के बाद नहीं।
4. Payment से पहले file करें। पैसा आने का इंतज़ार न करें; पहले filing से holds का risk कम होता है।
5. बड़े या complex cases में CA से सलाह लें। यह general जानकारी है, legal advice नहीं — अपने case की पुष्टि professional से करवाएं।

अभी भी क्या साफ नहीं है

RBI का freelancer-specific FAQ अभी जारी नहीं हुआ है — यही सबसे बड़ी कमी है। कुछ experts का कहना है कि RBI ने यह भी साफ नहीं किया कि service exporters declaration database से देंगे, email से या paper पर — इसलिए banks अपने-अपने तरीके से नियम लागू कर रहे हैं। The Wire की रिपोर्ट (7 October 2026) के मुताबिक FEMA के तहत अब tracked transactions की कोई lower limit नहीं रही, और कई micro exporters compliance के लिए consultants hire कर रहे हैं।

जब तक RBI का FAQ नहीं आता, हर freelancer को यही करना चाहिए: paperwork time पर file करें, documents organized रखें, और bank से हर instruction written में लें।

निष्कर्ष

RBI का EDF नियम अपने आप में export tracking को साफ करने के लिए है — लेकिन बैंकों का असमान implementation freelancers की foreign earning पर सीधा असर डाल रहा है। Mohandas Pai की आज की आलोचना और Srivats का case दोनों यही कहते हैं: नियम को नियम की तरह लागू करो, confusion पैदा करके नहीं। RBI का FAQ आते ही हम इस पोस्ट को update करेंगे — तब तक अपने invoices और bank communication संभालकर रखें।

यह भी पढ़ें: Freelancer EDF Form का पूरा नियम और Fiverr से पैसे कमाने की गाइड।

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