Amazon से कमाई की कहानी अब सिर्फ बड़े शहरों के बड़े क्रिएटर्स की नहीं रही। 24 अक्टूबर 2026 को Storyboard18 से बातचीत में Amazon ने जनवरी से सितंबर 2026 के ऐसे आंकड़े बताए हैं जो इस बदलाव को साफ दिखाते हैं। क्रिएटर्स के रेकमेंडेशन लिंक से 2.8 करोड़ लोगों ने सीधे खरीदारी की। पिछले साल के मुकाबले यह 92% ज्यादा है।
पहले यह समझ लें कि यह खबर क्या नहीं है। 19-20 अक्टूबर को Amazon के YouTube और Pinterest पर आने की खबर आ चुकी थी। इस लेख की नई बात वह नहीं है। नई बात 24 अक्टूबर को सामने आए 9 महीने के आंकड़े हैं, और छोटे शहरों के क्रिएटर्स के लिए कमाई के नए रास्ते हैं।
9 महीने के आंकड़े क्या कहते हैं
जनवरी से सितंबर 2026 के बीच क्रिएटर्स के कंटेंट से 4.2 करोड़ लोग प्रभावित हुए। यह पिछले साल से 50% ज्यादा है। इन्हीं में से 2.8 करोड़ लोगों ने क्रिएटर के लिंक से खरीदारी की। क्रिएटर्स ने कुल 13.3 करोड़ प्रोडक्ट्स की खरीद में भूमिका निभाई, जो पिछले साल के मुकाबले 145% की छलांग है।
एक आंकड़ा क्रिएटर्स के लिए सबसे अहम है। दिवाली की खरीदारी शुरू होने से पहले ही प्रति क्रिएटर कमाई पिछले साल के मुकाबले 60% बढ़ चुकी थी। यह औसत है। इसका मतलब यह नहीं कि हर क्रिएटर की कमाई 60% बढ़ी। किसी की ज्यादा बढ़ी होगी, किसी की कम। कमाई ऑडियंस, भरोसे, ट्रैफिक और प्रोडक्ट की कैटेगरी पर निर्भर करती है।
Amazon Influencer Program से अब 2 लाख से ज्यादा क्रिएटर्स जुड़े हैं। साल भर में यह संख्या दोगुनी हुई है। इनमें से 75% क्रिएटर मेट्रो शहरों के बाहर से हैं। मेरठ, नाशिक, कांचीपुरम, जम्मू जैसे शहरों के नाम Amazon ने खुद बताए हैं। खरीदने वालों में भी करीब 70% लोग नॉन-मेट्रो शहरों से हैं। गुंटूर, देहरादून, भुवनेश्वर, पटियाला जैसे शहरों के खरीदार क्रिएटर्स के लिंक से सामान खरीद रहे हैं।
कमाई के 3 रास्ते
पहला रास्ता एफिलिएट कमीशन है। क्रिएटर अपने वीडियो या पोस्ट में Amazon प्रोडक्ट का लिंक देता है। दर्शक उसी लिंक से खरीदता है, तो क्रिएटर को कमीशन मिलता है। YouTube Shopping के आने से यह काम आसान हुआ है। वीडियो देखते हुए ही ‘View Products’ का विकल्प दिखता है। दर्शक वीडियो रोके बिना प्रोडक्ट देख सकता है और खरीद सकता है। Shorts, लंबे वीडियो और लाइवस्ट्रीम, तीनों में टैगिंग चलती है। YouTube India के मुताबिक भारत में 45 करोड़ से ज्यादा लोग YouTube पर शॉपिंग से जुड़ी खोज करते हैं।
दूसरा रास्ता Pinterest है। यहां क्रिएटर को अपना Amazon Storefront एक बार Pinterest अकाउंट से जोड़ना होता है। उसके बाद पिन पर प्रोडक्ट टैग करते ही एफिलिएट लिंक अपने आप लग जाता है। होम डेकोर, शादी की खरीदारी, लहंगे जैसे विषयों में Pinterest खास तौर पर काम करता है। वजह सीधी है। वहां लोग पहले से ही खरीदने के इरादे से आते हैं।
तीसरा रास्ता नया है, और कई छोटे क्रिएटर्स के लिए सबसे दिलचस्प है। इसका नाम Creator Connections है। इसमें ब्रांड क्रिएटर्स को अपने कैंपेन दिखाते हैं। क्रिएटर कैंपेन स्वीकार करता है, तय समय में उस ब्रांड का कंटेंट बनाता है, और हर क्लिक पर भी कमाई करता है। इसे CPC यानी cost-per-click कमाई कहते हैं। यानी खरीदारी हो या न हो, क्लिक पर भी कुछ कमाई बनती है। Storyboard18 की बातचीत में Swiss Beauty और SUGAR जैसे ब्रांडों के उदाहरण दिए गए। इस पर Creator Rewards भी है, जिसमें अच्छे प्रदर्शन पर इंसेंटिव मिलता है।
छोटे शहरों के क्रिएटर क्यों जीत रहे हैं
Amazon की सोशल कॉमर्स प्रमुख निधि ठाक्कर ने इस बातचीत में एक सीधी बात कही। छोटे समुदायों वाले क्रिएटर्स पर लोग ज्यादा भरोसा करते हैं। यह फैन होना नहीं है। यह भरोसे की बात है। एक ट्रेकिंग की कहानी सुनाने वाला क्रिएटर अपना कैमरा टैग कर सकता है। नॉर्थ-ईस्ट की यात्रा पर गया क्रिएटर अपनी स्वेटशर्ट टैग कर सकता है। दर्शक को लगता है कि यह सच में इस्तेमाल की हुई चीज है।
बड़े नामों की अपनी जगह है। सोनाक्षी सिन्हा, समीरा रेड्डी और शेफ कुणाल कपूर जैसे नामों का भी इंटरव्यू में जिक्र हुआ। पर Amazon का जोर इस बात पर था कि छोटे और खास विषयों वाले क्रिएटर्स की मांग बढ़ रही है। भरोसा ही यहां असली मुद्रा है।
शुरू कैसे करें
शुरुआत के कदम छोटे हैं। Amazon Influencer Program के लिए आवेदन करें। स्वीकृति मिलने पर अपना Storefront बनाएं। YouTube पर कमाई के लिए YouTube Studio में Earn टैब खोलें, Programs में YouTube Shopping एफिलिएट प्रोग्राम चुनें और Join Now करें। इसके बाद वीडियो में Amazon प्रोडक्ट टैग किए जा सकते हैं। Pinterest पर Storefront को एक बार जोड़ना होता है, फिर टैगिंग अपने आप होती है। Creator Central पोर्टल पर परफॉर्मेंस, लिंक और Creator University की सीखने की सामग्री मिलती है। Canva और Adobe के साथ साझेदारी से कंटेंट बनाना भी आसान किया गया है।
एक बात पर ध्यान दें। कमीशन हर कैटेगरी में एक जैसा नहीं होता। कुछ प्रोडक्ट्स पर कमीशन मिलता ही नहीं। कमीशन की दरें हर महीने प्रकाशित की जाती हैं। YouTube के रास्ते कमाई में भुगतान दो चरणों में होता है, पर कमीशन का हिसाब वही रहता है।
सच भी जान लें
यह आंकड़े Amazon के बताए हुए हैं। कंपनी ने खुद कहा है कि ये आंकड़े उसके अपने हैं। इन्हें किसी की गारंटीड कमाई की तरह पढ़ना गलत होगा। 2 लाख क्रिएटर्स में से कितने हर महीने अच्छी कमाई करते हैं, इसका ब्योरा इस बातचीत में नहीं दिया गया। फेस्टिव सीजन में ट्रैफिक बढ़ता है, पर उसके बाद भी वही रफ्तार रहेगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
Great Indian Festival के शुरुआती दिन में 100% सालाना बढ़ोतरी और एक दिन में 44 करोड़ विज़िट के आंकड़े भी सामने आए। पर यह पूरे फेस्टिवल का आंकड़ा है, सिर्फ क्रिएटर्स का नहीं। इसे क्रिएटर कमाई से जोड़कर पढ़ना गलत होगा। एक और दिलचस्प बात यह है कि Prime मेंबर क्रिएटर्स के जरिए खरीदारी करने में तीन गुना ज्यादा आगे हैं।
छोटे शहरों के क्रिएटर्स के लिए संदेश साफ है। भरोसा बनाइए, वही प्रोडक्ट बताइए जो आप सच में इस्तेमाल करते हैं, और एक प्लेटफॉर्म पर निर्भर रहने के बजाय YouTube, Pinterest और ब्रांड कैंपेन तीनों रास्तों को समझिए। कमाई रातोंरात नहीं बनती। पर आंकड़े बताते हैं कि रास्ता खुला है, और उस पर चलने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
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स्रोत
Storyboard18: The Bharat Creator Boom
About Amazon India: How Amazon creators can earn commissions on YouTube and Pinterest
Exchange4Media: Nearly 75% of Amazon Influencers in India are from non-metro cities
