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गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026
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छोटी शुरुआत, बड़ी कमाई: इस दिवाली छोटे क्रिएटर्स ने मचाया धमाल

Diwali 2026 में छोटे क्रिएटर्स की कमाई — creator earnings.
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दिवाली 2026 में ब्रांड्स ने बड़े सितारों से ज्यादा भरोसा छोटे क्रिएटर्स पर जताया। Mint की ताजा रिपोर्ट (22 अक्टूबर 2026) बताती है कि छोटे Influencers की दिवाली कमाई इस साल रिकॉर्ड तोड़ रही है — कुछ क्रिएटर्स की ब्रांड डील्स से आय पिछले साल के मुकाबले पांच गुना तक बढ़ गई। हजारों फॉलोअर्स वाले नैनो और माइक्रो क्रिएटर्स अब ब्रांड्स की पहली पसंद बन रहे हैं। वजह साफ है: ज्यादा एंगेजमेंट, अपनी भाषा का कंटेंट और दर्शकों का असली भरोसा।

नंबर बोल रहे हैं — किसे कितना मिला

Mint की रिपोर्ट में कई क्रिएटर्स के नाम और आंकड़े दिए गए हैं। कोलकाता की लाइफस्टाइल क्रिएटर कृतिका पारिख — महज 11,100 इंस्टाग्राम फॉलोअर्स — की इस फेस्टिव सीजन की कमाई पिछले साल से करीब पांच गुना हो गई। हर कैंपेन की औसत फीस भी 40% बढ़ी। (स्रोत: Mint)

दिल्ली की गौरिका गांधी (140,000 फॉलोअर्स) ने इस सीजन 45 पेड कोलैबोरेशन पूरे किए — पिछले साल 38 थे। उनकी कुल कमाई करीब 60% बढ़ी। ब्यूटी-फैशन क्रिएटर अनुष्का सिन्हा (@junscameraroll, 22,000 फॉलोअर्स, कोलकाता-मुंबई) की कमाई लगभग दोगुनी हो गई। उनका कहना है कि पिछले साल वे ज्यादा बार्टर डील करती थीं, इस बार पेड मौके मिले।

कम डील्स, फिर भी जेब भरी

मजेदार बात यह है कि कई क्रिएटर्स की डील्स घटीं, लेकिन कमाई बढ़ी। @trickswithdips चलाने वाली दीपशिखा बिस्वास (95,100 फॉलोअर्स) ने 2025 में 4 की जगह इस बार सिर्फ 2 पेड कोलैबोरेशन किए — फिर भी कमाई ₹30,000 से बढ़कर ₹60,000 हो गई। सौमश्री घोष (@beautificsoumi, 87,500 फॉलोअर्स) की 5 डील्स घटकर 2 रह गईं, लेकिन कमाई ₹25,000 से ₹30,000 तक पहुंची।

हरियाणा और जर्मनी से मूवी-ओटीटी-म्यूजिक प्रमोशन पेज ‘फ्लिक्स एंड फनीज़’ चलाने वाले नवीन यादव ने पिछले साल जितनी ही — 5 — डील्स कीं, पर सीजन की कमाई ₹50,000 से दोगुनी होकर करीब ₹1 लाख हो गई। ज्यादातर डील्स मूवी प्रमोशन एजेंसियों, म्यूजिक लेबल्स और इवेंट कंपनियों से आईं।

ब्रांड्स की सोच क्यों बदली

Viral Fuel Studios के फाउंडर तरुण बंसल कहते हैं कि फेस्टिव सीजन खर्च का पीक समय होता है, और अब ब्रांड्स सिर्फ ‘पहुंच’ नहीं देखते — वे एंगेजमेंट, भरोसा और खरीदने की नियत देखते हैं। टियर-2 और टियर-3 शहरों तक पहुंचने के लिए रीजनल क्रिएटर्स और अपनी भाषा का कंटेंट काम आ रहा है।

AmPal Ads की को-फाउंडर पल्लबी पॉल कुंडू बताती हैं कि ब्रांड्स अब नैनो क्रिएटर्स (1,000–10,000 फॉलोअर्स) को 100–200 क्रिएटर्स वाले बड़े कैंपेन में ले रहे हैं। पिछले साल यही बजट 10–20 बड़े मैक्रो क्रिएटर्स पर खर्च होता था। कुंडू की अपनी कैंपेन फीस भी करीब 20% बढ़ी — उनके फॉलोअर्स 55,000 से 60,000 हुए।

RingLightMedia के को-फाउंडर शुभ दत्त का मानना है कि छोटे क्रिएटर्स का कंटेंट ज्यादा भरोसेमंद लगता है — आम भाषा, रोजमर्रा के अनुभव। हालांकि बड़े इन्फ्लुएंसर्स अब भी ब्रांड की पहचान बनाने के लिए जरूरी हैं।

बाजार का बड़ा आंकड़ा — ₹900 करोड़ का खेल

यह बदलाव सिर्फ कुछ चेहरों की कहानी नहीं। Qoruz के अनुमान के मुताबिक 2026 में फेस्टिव इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग पर खर्च ₹900 करोड़ तक पहुंच सकता है — 2025 के करीब ₹700 करोड़ से लगभग 29% ज्यादा। करीब 7,200 ब्रांड्स इस सीजन क्रिएटर्स को एक्टिवेट करेंगे। (स्रोत: Marketing Mind)

Kofluence के सोहेल कादरी खान बताते हैं कि बढ़े हुए बजट का 60–70% माइक्रो और मिड-टियर क्रिएटर्स को जा रहा है। माइक्रो क्रिएटर्स का एंगेजमेंट रेट 3.5–8% रहता है, जबकि मेगा क्रिएटर्स पर यह 1.2–2% ही है। रीजनल और टियर-2/3 कैंपेन अब फेस्टिव मीडिया बजट का 25–40% ले रहे हैं।

किस कैटेगरी में पैसा, किसमें बार्टर

कुंडू के मुताबिक ब्यूटी ब्रांड्स ज्यादा वैल्यू वाली डील्स दे रहे हैं। फूड ब्रांड्स से डील्स ज्यादा मिलती हैं, लेकिन रेवेन्यू कम — ज्यादातर बार्टर में निपट जाता है। इस दुर्गा पूजा में Zepto और Blue Heaven ने मिलकर कैंपेन चलाया। स्किनकेयर ब्रांड Foxtale ने ‘पूजा सरवाइवल किट’ कैंपेन में GO DESi, Impact Mints और Phab को जोड़ा।

दिक्कतें भी आईं — लेट प्लानिंग, 24 घंटे की डेडलाइन

सब कुछ आसान नहीं रहा। कुंडू बताती हैं कि इस बार दुर्गा पूजा के कैंपेन सितंबर के पहले हफ्ते में शुरू हुए — 2025 में ये जुलाई के आखिरी हफ्ते से शुरू हो जाते थे। कई ब्रांड्स 24–48 घंटे में कंटेंट डिलीवर करने को कहते रहे। कृतिका पारिख की 4 में से 2 डील्स तो त्योहार शुरू होने के बाद आईं।

आपके लिए सबक — शादी के सीजन में अगला मौका

दिवाली से एक साफ संदेश मिला है: फॉलोअर्स की गिनती से ज्यादा मायने रखता है एंगेजमेंट और भरोसा। अगर आप छोटे क्रिएटर हैं, तो नवंबर–दिसंबर का शादी-वेडिंग सीजन अगला बड़ा मौका है — ब्रांड्स का खर्च तब भी जारी रहता है। कुछ काम की बातें:

  • अपनी निच साफ रखें — ब्यूटी, फूड, टेक, फाइनेंस में से एक पर फोकस करें।
  • अपनी भाषा में बोलें — रीजनल कंटेंट को ब्रांड्स ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं।
  • बार्टर-ओनली डील से बचें — अनुष्का सिन्हा की तरह पेड डील की तरफ बढ़ें।
  • मीडिया किट तैयार रखें — फॉलोअर्स के साथ एंगेजमेंट रेट जरूर दिखाएं।
  • जल्दी तैयारी करें — एजेंसियों के मुताबिक बड़े ब्रांड 6–8 हफ्ते पहले प्लानिंग शुरू कर देते हैं।

अगर आप वीडियो क्रिएटर हैं, तो प्लेटफॉर्म के अपने प्रोग्राम भी देखें — YouTube Shorts Bonus 2026, Amazon Influencer Program और Instagram सब्सक्रिप्शन से कमाई।

आगे क्या देखें

ब्रांड्स का रुझान साफ है — छोटे, रीजनल और भरोसेमंद क्रिएटर्स की मांग बढ़ रही है। शादी के सीजन और नए साल की सेल में यही ट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है। जो क्रिएटर्स अभी से अपनी ऑडियंस और एंगेजमेंट पर काम करेंगे, उनके लिए अगले फेस्टिव सीजन में दरवाजे और खुले मिलेंगे।

एक जरूरी बात: ये सभी आंकड़े Mint की रिपोर्ट में बताए गए असली क्रिएटर्स के हैं — किसी की कमाई की गारंटी नहीं है। आपकी कमाई आपके निच, एंगेजमेंट, फॉलोअर्स और ब्रांड फिट पर निर्भर करेगी।

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