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शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026
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UPI पर 0.4% शुल्क टला: NPCI का बड़ा फैसला — अब Diwali के बाद लगेगा MDR

NPCI UPI MDR टला — दुकानदारों की बड़ी राहत, Diwali के बाद लागू होगा 0.4% शुल्क
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अगर आप UPI से पेमेंट लेते हैं या देते हैं, तो आज की यह खबर सीधे आपसे जुड़ी है। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को ऐलान किया कि UPI पर लगने वाला 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) 15 अक्टूबर से लागू नहीं होगा — इसे Diwali के बाद तक टाल दिया गया है। दुकानदारों, ऑनलाइन सेलर्स और डिजिटल पेमेंट लेने वाले हर कमाने वाले के लिए त्योहारी सीज़न की यह बड़ी राहत है।

NPCI ने आज क्या फैसला सुनाया

NPCI की UPI and Services Steering Committee ने 13 अक्टूबर की बैठक में तय किया कि select person-to-merchant (P2M) UPI transactions पर MDR “immediately post Diwali” लागू होगा। नई तारीख अलग से नोटिफाई की जाएगी। NPCI के बयान में कहा गया — “UPI and Services Steering Committee today decided that, keeping in mind the festive season, Merchant Discount Rate (MDR) on select Person-to-Merchant (P2M) UPI transactions shall be implemented immediately post Diwali on a date to be notified separately” (Millennium Post, News18)।

सीधे शब्दों में — 15 अक्टूबर से जो शुल्क लगने वाला था, वह अब Diwali के बाद लगेगा। कब? यह NPCI बाद में बताएगी।

यह शुल्क आखिर किस पर लगना था?

पहले पूरा प्लान समझ लीजिए। NPCI ने सितंबर 2026 में सर्कुलर जारी करके कहा था कि 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से ऊपर के P2M UPI पेमेंट्स पर 0.4% MDR लगेगा (Financial Express)। इस फ्रेमवर्क की अहम बातें:

  • दर: ₹2,000 से ज्यादा के मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% शुल्क।
  • अधिकतम सीमा: ₹75,000 या उससे बड़े transaction पर ज़्यादा से ज़्यादा ₹300।
  • कौन देगा: दुकानदार/मर्चेंट — ग्राहक को कुछ नहीं देना होगा। यह टैक्स भी नहीं है; पेमेंट इकोसिस्टम (बैंक, पेमेंट कंपनियां, ऐप्स) के बीच बंटने वाली फीस है।
  • क्या फ्री रहेगा: दोस्तों-रिश्तेदारों को पैसे भेजना (P2P) पूरी तरह फ्री। ₹2,000 तक के मर्चेंट पेमेंट भी MDR से बाहर। बताया जा रहा है कि मौजूदा लेनदेन का करीब 96% हिस्सा इस शुल्क से अछूता रहेगा।

फैसला क्यों टला?

त्योहारी सीज़न इसकी सबसे बड़ी वजह है। ET Now की रिपोर्ट के मुताबिक व्यापारियों के संगठनों (traders’ associations) ने NPCI से गुहार लगाई थी कि त्योहारी सीज़न से पहले यह शुल्क न लगाया जाए, ताकि बिक्री पर असर न पड़े। NPCI ने अपने बयान में भी “festive season” का हवाला दिया — Diwali के आसपास डिजिटल पेमेंट वैसे भी उछाल पर रहता है, ऐसे में मर्चेंट्स पर नई फीस का बोझ डालना सही नहीं समझा गया।

दुकानदारों और ऑनलाइन कमाने वालों के लिए इसका मतलब

अगर आप दुकान चलाते हैं, ऑनलाइन सामान बेचते हैं, या फ्रीलांस काम के लिए UPI से बड़े पेमेंट लेते हैं — तो Diwali सीज़न में आपको ₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट्स पर कोई कटौती नहीं झेलनी होगी। त्योहारों में जब बिक्री सबसे ज़्यादा होती है, तब हर पैसा मायने रखता है; NPCI के इस फैसले से उसी सीज़न में राहत मिली है।

एक बात साफ रहे — ग्राहकों की जेब से कुछ नहीं जाना था, न अब जाएगा। यह शुल्क शुरू से ही मर्चेंट-साइड था। और ₹2,000 से कम के रोज़मर्रा के पेमेंट तो वैसे भी MDR के दायरे से बाहर हैं।

अगला कदम: Diwali के बाद NPCI नई तारीख का ऐलान करेगी। अगर आप मर्चेंट हैं, तो अपने बिलिंग और प्राइसिंग प्लान में उस तारीख के लिए जगह रखें — और किसी भी अफवाह पर नहीं, सिर्फ NPCI की official घोषणा पर भरोसा करें।

आपके सवाल, सीधे जवाब

क्या ग्राहकों को UPI पर कोई शुल्क देना होगा?
नहीं। MDR दुकानदार/मर्चेंट देता है, ग्राहक नहीं।

नई तारीख क्या है?
अभी तय नहीं हुई। NPCI ने कहा है कि Diwali के बाद की तारीख अलग से नोटिफाई की जाएगी। (पहले 1 जनवरी 2027 की चर्चा चली थी, पर वह सिर्फ सूत्रों के हवाले से अटकल थी — NPCI के आज के official बयान में कोई तारीख नहीं है।)

जब लागू होगा, तो कितना शुल्क लगेगा?
₹2,000 से ऊपर के P2M पेमेंट पर 0.4%, ज़्यादा से ज़्यादा ₹300 प्रति transaction।

₹2,000 तक के पेमेंट पर?
पूरी तरह फ्री — MDR के दायरे से बाहर।

दोस्तों को पैसे भेजने (P2P) पर?
पूरी तरह फ्री, रकम चाहे जितनी हो।

अब सबकी नज़र NPCI की अगली घोषणा पर है। Diwali के बाद जब भी नई तारीख आएगी, उसका असर करोड़ों दुकानदारों और डिजिटल पेमेंट लेने वाले हर कमाने वाले पर पड़ेगा — हम सबसे पहले पूरी जानकारी लेकर आएंगे।

स्रोत: Financial Express, News18, Millennium Post, ET Now (सभी 13 अक्टूबर 2026)

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